
24CITYLIVE/आदर्श सिंह/पटना, 28 मई, 2025: कल, यानी 29 मई को, पटना का जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है, जब माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवनिर्मित अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इस भव्य आयोजन से ठीक एक दिन पहले, आज जिलाधिकारी, पटना,पुलिस अधीक्षक, पटना और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हवाई अड्डे का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया। इस मौके पर प्रधानमंत्री के आगमन के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम और नए टर्मिनल की विशेषताओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

सुरक्षा का अभेद्य घेरा: जमीन से आसमान तक पैनी नजर
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, पूरे हवाई अड्डे परिसर और आसपास के क्षेत्रों को एक अभेद्य सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, हजारों की संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें विशेष सुरक्षा दल (SPG), बिहार पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और अन्य एजेंसियों के जवान शामिल हैं। ड्रोन निगरानी, हाई-टेक कैमरे, और मल्टी-लेयर चेकपॉइंट्स स्थापित किए गए हैं। प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन की योजना बनाई गई है और आम जनता के लिए कुछ समय के लिए यातायात को नियंत्रित किया जाएगा। एयरपोर्ट के प्रवेश और निकास द्वार पर विशेष जांच दल तैनात हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री के पूरे कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की चूक की कोई गुंजाइश न रहे।

नया टर्मिनल: बिहार के विकास का प्रतीक और अत्याधुनिक सुविधाओं का संगम
यह नया टर्मिनल भवन केवल एक ढाँचा नहीं, बल्कि बिहार के विकास और ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। लगभग ₹1200 करोड़ की लागत से निर्मित, यह टर्मिनल पटना हवाई अड्डे की यात्री क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा।
मुख्य विशेषताएँ:
* बढ़ी हुई क्षमता: नया टर्मिनल पटना एयरपोर्ट टर्मिनल का क्षेत्रफल 12 हजार से बढ़कर 65 हजार वर्गफीट हो जाएगा। यह मौजूदा टर्मिनल की तुलना में पांच गुना से अधिक यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा, जिससे हवाई यातायात का दबाव कम होगा।
* आधुनिक सुविधाएँ: इसमें पांच एयरोब्रिज, 64 अत्याधुनिक चेक-इन काउंटर (वर्तमान के 21 के मुकाबले), बोर्डिंग पास जारी करने वाली मशीनें, विशाल वेटिंग लाउंज, स्वचालित सामान हैंडलिंग प्रणाली, और विकलांग व्यक्तियों के लिए सुलभ सुविधाएँ शामिल हैं। बड़े शहरों की तरह आगमन भूतल पर और प्रस्थान प्रथम तल पर होगा। रीक्लाइनिंग सीट भी होंगी, जिससे समय से पहले पहुंचे यात्रियों को सुविधा होगी।
* पारंपरिक बिहार की झलक: टर्मिनल के भीतर बिहार की समृद्ध कला और संस्कृति को दर्शाने वाली कलाकृतियाँ और डिजाइन शामिल किए गए हैं, जो यात्रियों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेंगे। विमान से उतरने के बाद अराइवल हाल में प्रवेश करने पर यात्रियों को बिहार की झलक दिखेगी। छठ पर्व की पेंटिंग, भगवान बुद्ध की पेंटिंग और मधुबनी कला का बेहतर प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होगा।
* पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन: इसे ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का उपयोग करके बनाया गया है।
* बढ़ी हुई पार्किंग क्षमता: 750 वाहनों की क्षमता वाली मल्टीलेवल पार्किंग उपलब्ध होगी, जहां ट्रेवलेटर और कनेक्टिंग ब्रिज के माध्यम से यात्री टर्मिनल में प्रवेश कर सकेंगे।
यह नया टर्मिनल न केवल घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, बल्कि बिहार में पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा देगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

संचालन की तैयारी और भविष्य की योजनाएँ:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 मई को नए टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। हालांकि, यात्रियों का आवागमन पांच जून से शुरू होगा। अभी पुराने टर्मिनल भवन से ही यात्रियों की आवाजाही जारी रहेगी। यात्रियों का आवागमन नए टर्मिनल से शुरू होने के बाद पुराने भवन को ध्वस्त किया जाएगा। वहां विमानों के लिए पार्किंग-बे होगा, जिससे उस स्थान पर 11 विमान खड़े हो सकेंगे। अभी एयरोब्रिज से ही यात्रियों का आना-जाना होगा, यह प्रक्रिया दो-तीन महीने तक चलेगी। सूत्रों की मानें तो पीछे की तरफ से भवन में छोटे-मोटे कुछ काम अब भी बाकी हैं, जिन्हें पूरा होने में एक वर्ष का समय लग सकता है। इन कार्यों के जारी रहने से यात्रियों के आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
प्रधानमंत्री का संभावित संबोधन: बिहार के लिए नई घोषणाएँ संभव
उद्घाटन समारोह के बाद, यह उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर वे बिहार के विकास से जुड़ी कुछ नई परियोजनाओं की घोषणा भी कर सकते हैं, जिससे राज्य के लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं।
यह अत्याधुनिक टर्मिनल भवन पटना को देश के प्रमुख हवाई अड्डों की सूची में शामिल करेगा और बिहार को राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगा।

