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पटना में ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ का भव्य आगाज, 24 जिलों के 771 गांवों में लगेंगे विशेष कैंप

24CITYLIVE/आदर्श सिंह/पटना/18 मई :राज्य के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों के विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सोमवार को एक बड़े अभियान की शुरुआत हुई। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय ओरियंटेशन सत्र के माध्यम से “जनजातीय गरिमा उत्सव” के तहत “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित इस अभियान के पहले दिन प्रदेश के 24 जनजातीय बहुल जिलों में जिला पदाधिकारियों द्वारा कार्यक्रमों का उद्घाटन किया गया।
इस महाअभियान के तहत राज्य के 74 प्रखंडों के 771 जनजातीय गांवों को लक्षित किया गया है। इन गांवों में बड़े पैमाने पर सेचुरेशन कैंप, प्लांटेशन ड्राइव, हेल्थ कैंप और जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके साथ ही योग्य लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का ऑन-द-स्पॉट लाभ भी दिया जाएगा। इसके बाद 21 मई से 23 मई के बीच इन गांवों में विशेष जन सुनवाई शिविर भी आयोजित होंगे, ताकि स्थानीय समस्याओं, शिकायतों और जरूरतों का तुरंत समाधान किया जा सके।

कैंपों में मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं
अभियान के दौरान जरूरतमंद और पात्र लोगों को कई महत्वपूर्ण सरकारी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
लाभार्थियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ।
दस्तावेज और पहचान पत्रों का सत्यापन।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन और राशन कार्ड की सुविधा।
स्वास्थ्य जांच, आयुष्मान कार्ड, छात्रवृत्ति और बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता।
इस पूरे अभियान की राज्य स्तर से कड़ा रुख अपनाते हुए हर दिन मॉनिटरिंग की जाएगी और सभी जिलों से डेली प्रोग्रेस रिपोर्ट ली जाएगी।


**मुख्य सचिव ने दिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश**
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जनजातीय क्षेत्रों में इन सभी कार्यक्रमों को मिशन मोड में चलाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक तय समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को कैंपों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनजातीय समुदायों के सम्मान, अधिकार और उनके विकास से जुड़ा एक बड़ा सामाजिक अभियान है।
सत्र के दौरान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अधिकारियों ने अभियान की पूरी रूपरेखा, गतिविधियों की टाइमलाइन और अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विभाग ने इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की है।
हाइब्रिड मोड में आयोजित हुए इस महत्वपूर्ण सत्र में विभाग के सचिव संदीप आर पुडकलकट्टी, निदेशक प्रियंका रानी और संबंधित जिलों के जिलाधिकारी सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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