भ्रष्टाचार पर पटना DM का बड़ा एक्शन: पाटलिपुत्र CO के खिलाफ प्रपत्र-‘क’ गठित, जाएगी नौकरी!

24CITYLIVE/आदर्श सिंह/पटना। बिहार की राजधानी पटना से इस वक्त की सबसे बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। पटना के जिलाधिकारी (DM) ने भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ने पाटलिपुत्र के अंचल अधिकारी (CO) अनुज कुमार के विरुद्ध प्रपत्र-‘क’ (चार्जशीट) गठित कर बिहार सरकार को प्रतिवेदित करने का सख्त निर्देश दिया है। इसके लिए अपर समाहर्ता (ADM), पटना को अधिकृत किया गया है।
अंचल अधिकारी के खिलाफ विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू होने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पाटलिपुत्र अंचल अधिकारी के खिलाफ लंबे समय से आम जनता और विभाग को शिकायतें मिल रही थीं। मुख्य रूप से दो बड़े आरोप प्रमाणित हुए हैं:
- राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी: सरकारी लैंड रिकॉर्ड और राजस्व दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर मामला सामने आया है।
- दाखिल-खारिज में लापरवाही: आम जनता के जमीन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज वाद) के मामलों को जानबूझकर लटकाने और निष्पादन में घोर लापरवाही बरतने की बात साबित हुई है।
हाई-लेवल जाँच में खुले राज, स्पष्टीकरण भी पाया गया खारिज
इन गंभीर शिकायतों के बाद जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जाँच जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, पटना से कराई थी। जाँच अधिकारी ने गहन तफ्तीश के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें अंचल अधिकारी के विरुद्ध लगे सभी आरोप शत-प्रतिशत सही और प्रमाणित पाए गए।
नियम के मुताबिक, जिलाधिकारी द्वारा सीओ से इन आरोपों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा गया था। हालांकि, अंचल अधिकारी द्वारा दिया गया जवाब पूरी तरह से असंतोषजनक, टालमटोल वाला और साक्ष्यों के विपरीत पाया गया। इसके बाद ही डीएम ने उनके खिलाफ प्रपत्र-‘क’ गठित करने का अंतिम फैसला लिया।
कड़ी विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अब अपर समाहर्ता (ADM) द्वारा प्रपत्र-‘क’ तैयार कर राज्य सरकार को भेजा जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि अंचल अधिकारी, पाटलिपुत्र के विरुद्ध अब नियमित विभागीय कार्यवाही (Departmental Proceedings) चलेगी। इस प्रक्रिया के तहत दोषी अधिकारी को सस्पेंड (निलंबित) किया जा सकता है या उनकी सेवा समाप्ति तक की नौबत आ सकती है।
लापरवाह अफसरों को डीएम की दो टूक चेतावनी
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पटना जिलाधिकारी ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“सरकारी दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी अधिकारी आम जनता को परेशान करेंगे या भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध विधि-सम्मत सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
इस कार्रवाई से यह साफ है कि पटना कलेक्ट्रेट अब सुशासन और पारदर्शिता को लेकर पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है।
