
24CITYLIVE/बिहार, 12 अगस्त 2026: सेकेंड चांस कार्यक्रम के तहत बोर्ड परीक्षा में शामिल दीदियों के लिए यह केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि अधूरी पढ़ाई को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। परीक्षा के बाद उनके चेहरों पर संतोष, खुशी और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से झलक रहा था।

लंबे अंतराल के बाद परीक्षा देना कई दीदियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी। अच्छे प्रदर्शन ने उनके उत्साह को और भी बढ़ा दिया।
इस कार्यक्रम के तहत 1,082 शिक्षार्थियों के फॉर्म भरे गए। विषयवार उपस्थिति भी अत्यंत उत्साहजनक रही—English, Mathematics, Basic Computer, Urdu, Sanskrit, Arabic और Science में 100% उपस्थिति दर्ज की गई। अन्य विषयों में भी 96% से अधिक उपस्थिति रही, जबकि ICH का अपडेट लंबित है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि शिक्षार्थियों ने पूरी गंभीरता के साथ तैयारी की और परीक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाई। कई विषयों में 100% उपस्थिति उनके बढ़ते आत्मविश्वास और मजबूत संकल्प को दर्शाती है।
परीक्षा के बाद दीदियों ने अपने अनुभव साझा किए। किसी ने प्रश्नपत्र को अपेक्षा के अनुरूप बताया तो किसी ने कहा कि नियमित कक्षाओं और शिक्षकों के मार्गदर्शन से उन्हें काफी सहायता मिली। शुरुआत में जो डर था, वह अब आत्मविश्वास में बदल चुका है।
एक दीदी ने कहा, “पहले लगता था पढ़ाई छूटने के बाद परीक्षा देना बहुत मुश्किल होगा, लेकिन अब विश्वास है कि हम इसे पूरा कर सकते हैं।”
*मुश्किल परिस्थितियों में भी नहीं टूटा हौसला*
कई शिक्षार्थियों ने दूरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद परीक्षा में भाग लिया। अररिया की चांदनी दीदी सड़क हादसे में घायल होने के बावजूद परीक्षा देने पहुंचीं, जो उनके अदम्य साहस और जज़्बे को दर्शाता है।
दूर-दराज से आने वाले शिक्षार्थियों को टीम की ओर से यात्रा, एडमिट कार्ड और अन्य आवश्यकताओं में पूरा सहयोग प्रदान किया गया।

*टीम का निरंतर सहयोग*
कार्यक्रम के अंतर्गत तैयारी से लेकर परीक्षा तक हर स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई गई—अध्ययन सामग्री, अभ्यास, परीक्षा केंद्र की जानकारी और यात्रा व्यवस्था तक। जीविका और प्रथम की राज्य से लेकर स्थानीय टीमों ने लगातार समन्वय बनाकर कार्य किया।
कार्यक्रम समन्वयक अंतिम कुमार सिन्हा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरे संचालन में राज्य स्तर से जीविका एवं प्रथम के सभी साथियों के साथ-साथ राज्य की कंटेंट टीम एवं फेसिलिटेटर्स टीम तथा जीविका के सभी संबंधित SD मैनेजर, DPM, BPM, AC, CC एवं संबंधित कैडर्स का भरपूर सहयोग रहा, जिससे कार्यक्रम का सफल और सुचारु संचालन सुनिश्चित हुआ।
*सबसे बड़ी उपलब्धि: मुस्कान और आत्मविश्वास*
परीक्षा के बाद दीदियों के चेहरों पर आई खुशी इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता रही। यह केवल परीक्षा समाप्त होने की खुशी नहीं थी, बल्कि अधूरी पढ़ाई को फिर से शुरू करने के विश्वास की जीत थी।
सेकेंड चांस कार्यक्रम ने उन्हें सिर्फ परीक्षा का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि यह भरोसा भी दिया कि सपनों को पूरा करने का एक और मौका हमेशा संभव है।
*टीम वर्क का मिला भरपूर सहयोग*
सेकंड चांस कार्यक्रम के तहत पढ़ रही जीविका दीदी और भैया की सफलता में SCTA अमन देव, राहुल कुमार, गौरव कुमार, आकाश रंजन, नेहाल आलम, खुशबू कुमारी और फैसिलिटेटर की भूमिका में मुजफ्फरपुर जिला से नेहा श्री ज्ञान, जमुई से काजल कुमारी, नवादा से सावित्री कुमारी, औरंगाबाद से अंजीत कुमार रॉय, समस्तीपुर से चंचल कुमारी, पूर्णिया से अंश कुमार और भुवाल कुमार साह, वेस्ट चंपारण से सुनील कुमार साफी, अमरेश कुमार, आलोक कुमार और विशाल कुमार ठाकुर, सीतामढ़ी से प्रिजेंद्र कुमार, जहानाबाद से प्रमोद साह, पटना से व्यास कुमार यादव, सुपौल से अखिलेश कुमार, किशनगंज से सुनील कुमार झा, कटिहार से नातेश्वरी कुमारी और कुमारी सिंधु, वैशाली से रिमोट इंस्ट्रक्टर मिशन कुमार, शेखपुरा से समीर, बेगूसराय से रश्मि कुमारी, अररिया से राहुल कुमार, नालंदा से नित्यानंद और गया जी से सुनील कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


