न्यूज़

पटना में सजी साहित्य, संगीत और संस्कृति की भव्य महफिल: ‘काव्य और कला’ कार्यक्रम में बिखरे कला के रंग


24CityLive/आदर्श सिंह(पटना): राजधानी पटना के कदमकुआँ स्थित बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन में रविवार को कला, साहित्य और संस्कृति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। एडवर्टाइजमेंट पीआरओ द्वारा आयोजित ‘काव्य और कला-शब्दों से सृजन तक’ कार्यक्रम में साहित्य, संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस भव्य आयोजन में भारी संख्या में कलाकारों और साहित्य प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिन्होंने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
युवा प्रतिभाओं को मंच देना समय की मांग: मुख्य अतिथि
आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में देश-दुनिया में पहचान बना चुके प्रसिद्ध फिल्ममेकर एवं कोरियोग्राफर मास्टर उज्ज्वल और जाने-माने लेखक कुंदन कुमार ने शिरकत की। दोनों अतिथियों ने कला और संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में युवा प्रतिभाओं को ऐसा मंच देना बेहद जरूरी है जहाँ वे अपनी कला को निखार सकें। कार्यक्रम के दौरान हुए कविता पाठ, सुरीले गायन, मनमोहक नृत्य और सजीव नाट्य प्रस्तुतियों ने हॉल में मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया।
इन्हें मिला ‘परफॉर्मर ऑफ द डे’ का खिताब
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया, जिसमें तीन युवाओं ने अपनी कला का लोहा मनवाया:
1. प्रीति उपाध्याय – गायन (परफॉर्मर ऑफ द डे)
2. विवेक कुमार – कविता (परफॉर्मर ऑफ द डे)
3. अंशु कुमारी – नृत्य (परफॉर्मर ऑफ द डे)
विशेष आकर्षण: विजेताओं को एक खास और अनोखे सम्मान के रूप में चांदी के 500 रुपये के स्मारक नोट प्रदान किए गए। इसके साथ ही कार्यक्रम के सपोर्टिंग पार्टनर ‘वेरायटी मेगा मॉल’ की ओर से भी सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को आकर्षक उपहार दिए गए।
सफल संचालन और आभार
इस पूरे भव्य कार्यक्रम का सफल संचालन प्रेरणा, आदित्य और उनकी पूरी टीम ने बेहद सुरीले और अनुशासित ढंग से किया।
आयोजन समिति के मुख्य आयोजक ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी कलाकारों, अतिथियों, निर्णायक मंडल, जनसंयोग मंच और विशेष रूप से मीडिया सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का एकमात्र उद्देश्य साहित्य, संगीत, नृत्य और नाटक जैसी तमाम कलाओं को एक साझा मंच प्रदान कर नई और छुपी हुई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना है।

Related Articles

Back to top button