निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ₹15,000 रिश्वत लेते पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को रंगे हाथ किया गिरफ्तार

24CITYLIVE/आदर्श सिंह/पटना / नरकटियागंज:बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम ने बुधवार (05 अगस्त, 2026) को पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड स्थित डुमरिया पंचायत के पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को ₹15,000 (पंद्रह हजार रुपये) की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता परवेज कौसर (निवासी- मलिदहिया, नरकटियागंज) ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पटना कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी एजेंसी Retics Enterprises द्वारा कराए गए ‘नल-जल योजना’ के मरम्मत कार्य का बकाया भुगतान करने के एवज में पंचायत सचिव शंकर प्रसाद रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
रंगे हाथ ऐसे दबोचा गया:
* सत्यापन में सही मिली शिकायत: मामला दर्ज (कांड सं0-092/26) होने के बाद पुलिस निरीक्षक आदित्य अंशु के अनुरोध पर पुलिस उपाध्यक्ष कृपाल चन्द्र जायसवाल के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (ट्रैप टीम) का गठन किया गया।
* मदरसा कैंप से हुई गिरफ्तारी: धावादल ने कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव को नरकटियागंज के मलिदहिया मदरसा में चल रहे ‘सहयोग शिविर कैंप’ से ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही धर दबोचा।
* आगे की कार्रवाई: अभियुक्त को पूछताछ के बाद विशेष न्यायालय (निगरानी), मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा।
वर्ष 2026 में निगरानी ब्यूरो का रिकॉर्ड:
निगरानी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 92वीं प्राथमिकी है।
* कुल ट्रैप केस: 85
* रंगे हाथ गिरफ्तार आरोपी: 87
* कुल बरामद रिश्वत राशि: ₹31,66,800
(तुलना के लिए: वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप मामले दर्ज हुए थे और ₹37,80,300 की रिश्वत राशि बरामद की गई थी।)

