बिहार पुलिस के जवान की दो पत्नियों के बीच हाईवोल्टेज ड्रामा: दानापुर में सिपाही की करतूत देख दंग रह गए लोग

24CITYLIVE/आदर्श सिंह/पटना:बिहार पुलिस के एक सिपाही की निजी जिंदगी का विवाद अब थाने की दहलीज तक पहुंच गया है, जिसने विभाग की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरा मामला दानापुर पुलिस कॉलोनी का है, जहां शनिवार की शाम एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसे देखकर स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। बिहार पुलिस के 2003 बैच के जवान रवि रंजन सिंह, जो वर्तमान में बेतिया में तैनात हैं, अपनी एक महिला मित्र और एक नवजात बच्चे के साथ अचानक अपने घर पहुंचे। घर में उनकी पहली पत्नी निशु सिंह और उनके दो किशोर बच्चे मौजूद थे। जैसे ही रवि रंजन ने दूसरी महिला के साथ प्रवेश किया, घर में सन्नाटा पसर गया। पत्नी के पूछने पर साथ आई महिला ने खुद को रवि रंजन की दूसरी पत्नी बताया और गोद में लिए बच्चे को भी उन्हीं का वारिस घोषित कर दिया। इस खुलासे ने न केवल निशु सिंह के पैरों तले जमीन खिसका दी, बल्कि उनके 14 और 16 साल के बेटा-बेटी भी इस सच को सुनकर गहरे सदमे में डूब गए।
घर के भीतर शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते सड़क पर आ गया और शोर-शराबा बढ़ता देख भारी हंगामा खड़ा हो गया। निशु सिंह अपने बच्चों के साथ रोते-बिलखते हुए सीधे दानापुर थाना पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने पति के खिलाफ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। जांच में यह भी सामने आया कि रवि रंजन के साथ आई महिला कोई और नहीं बल्कि पुलिस विभाग की ही एक सिपाही है। उमा नाम की यह महिला 2018 बैच की सिपाही बताई जा रही है और वर्तमान में गया जिले में डायल 112 में तैनात है। थाना परिसर में घंटों चले इस ड्रामे के दौरान पहली पत्नी निशु सिंह अपनी आपबीती सुनाते हुए बार-बार बेहोश हो रही थीं। उन्होंने बताया कि साल 2007 में उनकी शादी हुई थी और सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन पति की इस गुपचुप दूसरी शादी और बच्चे की बात ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया है।
इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए दानापुर थानाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज ने बताया कि पीड़िता की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है जिसमें पति पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अब इस मामले की कानूनी पहलुओं से जांच कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि एक सरकारी सेवक होने के नाते रवि रंजन सिंह ने नियमों का उल्लंघन किस हद तक किया है। फिलहाल यह मामला दानापुर से लेकर बेतिया, गया और आरा तक चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें शामिल दोनों मुख्य पक्ष पुलिस विभाग से ही ताल्लुक रखते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की तहकीकात के बाद उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

