पटना: 14 मई को होगा ‘ब्लैकआउट’ और हवाई हमले का मॉकड्रिल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा

24CityLive/आदर्श सिंह/पटना:राजधानी पटना में आगामी 14 मई को नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के तहत ‘ब्लैकआउट’ और हवाई हमले की मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस बड़े अभ्यास की तैयारियों की समीक्षा के लिए शनिवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
प्रशासनिक मुस्तैदी की होगी परीक्षा
जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि यह अभ्यास राज्य सरकार के निर्देशों के तहत एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध या हवाई हमले जैसी आपातकालीन स्थिति में जिले के प्रशासनिक तंत्र और राहत-बचाव एजेंसियों की प्रभावशीलता और उनकी प्रतिक्रिया समय (Response Time) की बारीकी से जांच करना है।
### **चार प्रमुख स्थलों पर होगा ‘सिमुलेशन’**
मॉकड्रिल के लिए जिले में चार मुख्य केंद्रों को चिह्नित किया गया है:
1. पटना समाहरणालय
2. बिस्कोमान भवन
3. बांकीपुर बस स्टैंड
4. आईजीआईएमएस (IGIMS)
इन केंद्रों के अलावा पटना नगर निगम क्षेत्र, दानापुर निजामत, खगौल और फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्रों में भी यह अभ्यास चलाया जाएगा। विभिन्न सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।
14 मई का शेड्यूल: सायरन बजते ही होगा ब्लैकआउट
प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार:
13 मई: पटना समाहरणालय में ‘टेबल-टॉप एक्सरसाइज’ के जरिए रणनीति तैयार की जाएगी।
14 मई:निर्धारित समय पर 2 मिनट तक नागरिक सुरक्षा सायरन** बजाया जाएगा। सायरन की आवाज सुनते ही पूरे प्रभावी क्षेत्र में ब्लैकआउट लागू हो जाएगा।
अफवाहों से बचें, जरूरी सेवाएं रहेंगी जारी
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने आम जनता से अपील की है कि वे इस मॉकड्रिल से घबराएं नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
> “यह केवल एक अभ्यास (Mockdrill) है, कोई वास्तविक खतरा नहीं। नागरिक किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें।”
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प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि अस्पताल, एम्बुलेंस और अन्य अनिवार्य सेवाओं पर इस अभ्यास का कोई असर नहीं पड़ेगा। पूरे आयोजन के दौरान जिला कंट्रोल रूम अलर्ट मोड पर रहेगा।
इन एजेंसियों की होगी भागीदारी
इस बड़े पैमाने पर होने वाले अभ्यास में एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवा, एनसीसी (NCC), सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें संयुक्त रूप से अपनी कार्यक्षमता का प्रदर्शन करेंगी।


