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नर्सों के त्याग को सलाम: आज मनाया जा रहा है अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस, जानें इसका महत्व

24CITYLIVE/आदर्श सिंह/पटना:आज पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस (International Nurses Day) मना रहा है। यह दिन स्वास्थ्य क्षेत्र में नर्सों के निस्वार्थ योगदान, उनके कठिन परिश्रम और मरीजों के प्रति उनके सेवा भाव को समर्पित है। हर साल 12 मई को आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर यह विशेष दिन आयोजित किया जाता है।

नर्सिंग: मानवता की सच्ची सेवा
एक अस्पताल की व्यवस्था में डॉक्टर अगर उपचार का जरिया हैं, तो नर्सें उस उपचार को पूर्ण करने वाली शक्ति हैं। मरीजों की चौबीसों घंटे देखभाल करना, उनकी दवाइयों का समय पर ध्यान रखना और मानसिक संबल प्रदान करना नर्सिंग पेशे की पहचान है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी मरीज के स्वस्थ होने में 70% योगदान नर्सिंग केयर का होता है।

फ्लोरेंस नाइटिंगेल और इस दिन का इतिहास*
फ्लोरेंस नाइटिंगेल, जिन्हें ‘द लेडी विद द लैंप’के नाम से जाना जाता है, ने क्रीमिया युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की निस्वार्थ सेवा की थी। उन्होंने ही नर्सिंग को एक सम्मानजनक और पेशेवर दर्जा दिलाया। उनके इसी योगदान को अमर बनाने के लिए 1974 से आधिकारिक तौर पर इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाने लगा।

आज के परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता
वर्तमान समय में बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों और महामारियों के बीच नर्सों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। आज का दिन न केवल उनके प्रति आभार व्यक्त करने का है, बल्कि उनकी कार्य स्थितियों को बेहतर बनाने और उन्हें समाज में उचित सम्मान दिलाने के संकल्प का भी है।
आज देशभर के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में सेमिनार और सम्मान समारोह आयोजित कर इन ‘सफेद वर्दी वाले योद्धाओं’ को सम्मानित किया जा रहा है।

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