IIT पटना में छात्र की मौत से सनसनी: खेल के मैदान में अचानक गिरा बीटेक छात्र, मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

24CITYLIVE/बिहटा (पटना):
देश के नामी शिक्षण संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना के बिहटा स्थित कैंपस से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ शनिवार को बीटेक चौथे वर्ष के एक मेधावी छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक छात्र की पहचान तेलंगाना निवासी हर्षित के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे कैंपस में मातम पसरा है और छात्रों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
मैदान पर क्या हुआ? प्रत्यक्षदर्शियों में भ्रम
मिली जानकारी के अनुसार, हर्षित अपने दोस्तों के साथ कैंपस के खेल मैदान में मौजूद था। चश्मदीदों का कहना है कि खेल के दौरान वह अचानक जमीन पर गिर पड़ा और तड़पने लगा। आनन-फानन में सहपाठी उसे लेकर अस्पताल भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत) घोषित कर दिया। मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण इसे संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है।
जांच के घेरे में संस्थान का मेंटेनेंस
हालांकि शुरुआती कयास कई लगाए जा रहे हैं, लेकिन छात्रों ने कैंपस के सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) पर सवाल उठाए हैं। खेल के मैदान के पास बिजली के पोल और खुले तारों की मौजूदगी को लेकर छात्रों में गुस्सा है। छात्रों का कहना है कि यदि यह कोई तकनीकी लापरवाही है, तो इसके लिए संस्थान का मेंटेनेंस विभाग जिम्मेदार है। कैंपस में सुरक्षा ऑडिट की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
पुलिस और FSL टीम की पैनी नजर
घटना की सूचना मिलते ही पटना पश्चिमी सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को बुलाया गया है, जिसने मैदान और आसपास के इलाके से साक्ष्य एकत्र किए हैं।
पुलिस अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
“छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज एक हादसा था या किसी की लापरवाही का परिणाम।”
परिजनों के आने का इंतजार
हर्षित बीटेक फाइनल ईयर का छात्र था और जल्द ही प्रोफेशनल दुनिया में कदम रखने वाला था। उसकी मौत की खबर से तेलंगाना में उसके घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के पटना पहुँचने के बाद ही मेडिकल बोर्ड की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
प्रशासन की चुप्पी और बढ़ते सवाल
फिलहाल IIT प्रशासन ने इस मामले पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, जिससे अटकलों का बाजार गर्म है। क्या खेल के मैदान में कोई ऐसी चूक थी जिसे नजरअंदाज किया गया? क्या हर्षित की जान बचाई जा सकती थी? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अब पुलिसिया तफ्तीश पर टिका है।

