पटना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ₹7-10 लाख का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

24CITYLIVE/आदर्श सिंह/पटना:बिहार में नशा तस्करों के खिलाफ पटना पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार की सीधी निगरानी में पुलिस ने एक बड़े अंतर-जिला कफ सिरप तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। रामकृष्णानगर थाना पुलिस और मद्यनिषेध टीम ने संयुक्त रूप से जाल बिछाकर भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप जब्त किया है। बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब 7 से 10 लाख रुपये आंकी जा रही है।
पिकअप वैन से 7,480 बोतलें बरामद, पुलिस भी हैरान**

प्रेस वार्ता के दौरान सिटी एसपी (ईस्ट) श्री परिचय कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर रामकृष्णानगर थाना और मद्यनिषेध की संयुक्त टीम ने शेखपुरा रोड की तरफ जा रही एक संदिग्ध पिकअप वैन को घेराबंदी कर रोका। जब गाड़ी की सघन तलाशी ली गई, तो पुलिस टीम भी हैरान रह गई। वैन के भीतर बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखी गई प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की कुल 7,480 बोतलें (लगभग 748 लीटर) बरामद की गईं।

पटना से पूर्णिया जा रही थी नशे की बड़ी खेप
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नशे की यह बड़ी खेप राजधानी पटना से पूर्णिया की ओर सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी। हालांकि, पकड़े गए तस्करों ने अभी तक उस मुख्य गोदाम का खुलासा नहीं किया है, जहां से यह माल लोड किया गया था। पुलिस अब गाड़ी के मालिक का सुराग लगाने और इस पूरे सिंडिकेट के मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) तक पहुँचने के लिए छापेमारी कर रही है।

दीदारगंज के दो शातिर अभियुक्त गिरफ्तार
इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने मौके से ही दो मुख्य अभियुक्तों को दबोच लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी पटना के ही दीदारगंज इलाके के रहने वाले हैं:
1. **मिंटू कुमार** (उम्र 25 वर्ष)
2. **विशाल कुमार** (उम्र 24 वर्ष)
मोबाइल की होगी फॉरेंसिक जांच, खंगाली जाएगी कॉल डिटेल
पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही पिकअप वैन के साथ-साथ आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। सिटी एसपी ने बताया कि जब्त किए गए मोबाइल फोन्स की **फॉरेंसिक जांच (Cyber Cell)** कराई जा रही है। कॉल डिटेल्स (CDR) और व्हाट्सएप डेटा के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े सफेदपोशों और संदिग्ध नंबरों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस इस मामले के तारों को पूर्व में पकड़े गए कफ सिरप के मामलों से भी जोड़कर देख रही है, ताकि पूरे सिंडिकेट की रीढ़ तोड़ी जा सके।


