24CITYLIVE/आदर्श सिंह/पटना,16 मई: बिहार के किसानों को सशक्त बनाने और उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग और कृषि विभाग ने एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है। उपमुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने गुरुवार को पटना में आयोजित एक संयुक्त बैठक में दोनों विभागों की योजनाओं को समन्वित रूप से लागू करने पर सहमति जताई।
बैठक में मुख्य रूप से बीज और उर्वरक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। पैक्स (PACS) की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक वितरण हेतु लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया गया। उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने इस समस्या के समाधान के लिए पूरे वर्ष का प्रशिक्षण कैलेंडर जारी करने का आश्वासन दिया है, जिससे इच्छुक पैक्स आसानी से प्रशिक्षण प्राप्त कर लाइसेंस हासिल कर सकेंगे। बीज वितरण के लिए पैक्स ऑनलाइन आवेदन कर प्राथमिकता के आधार पर लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे।
सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने प्रखंड स्तरीय सब्जी उत्पादक सहयोग समितियों के किसानों को बीज एवं पौधा वितरण में प्राथमिकता देने का सुझाव दिया, जिसे कृषि विभाग ने स्वीकार कर लिया है। इसके अतिरिक्त, राज्य की 144 प्रखंड स्तरीय मधु उत्पादक एवं विपणन सहकारी समितियों को मधुमक्खी पालन के लिए बक्सा वितरण और प्रशिक्षण की व्यवस्था पर भी सहमति बनी।
किसानों को मिट्टी की सेहत की जानकारी देने के लिए पैक्सों को मिट्टी जांच प्रशिक्षण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने के लिए अधिकृत किया जाएगा। साथ ही, कृषि विभाग द्वारा संचालित रेफ्रिजरेटेड वैन योजना में प्रखंड स्तरीय सब्जी उत्पादक सहयोग समितियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कृषि सचिव ने सहकारी बैंकों से किसानों को अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिस पर सहकारिता विभाग के सचिव ने सहमति व्यक्त की।
इस संयुक्त पहल को किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने कहा कि इससे किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। बैठक में दोनों विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बिहार में किसानों के विकास के लिए सहकारिता और कृषि विभाग साथ आए



