वीडियो फुटेज और पुलिस की त्वरित कार्रवाई:
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हुआ है, जिसमें विवाद और हिंसा से जुड़े दृश्य कैद हैं। पुलिस प्रशासन ने इस वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसकी तकनीकी जांच शुरू की। वीडियो में नजर आ रहे सभी उपद्रवियों और संलिप्त लोगों की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है। मुंगेर पुलिस ने एसडीपीओ (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरुप अब तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, झड़प में घायल हुए दो अन्य लोगों को भी पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। पुलिस की यह टीम वीडियो में चिन्हित किए गए बाकी अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश बना रही है।
(प्रशासनिक बयान):
इस पूरे मामले की आधिकारिक और विस्तृत जानकारी मुंगेर के पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि इस तरह के सार्वजनिक आयोजनों के दौरान पुलिस की तरफ से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाती है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति बिना उचित अनुमति के इस प्रकार का जागरण या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करता है और उसमें अशिष्टता, नग्न प्रदर्शन या हथियार लेकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करता है, तो पुलिस ऐसे असामाजिक तत्वों को बख्शेगी नहीं।
एसपी ने जानकारी दी कि वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान किए गए सभी आरोपियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके ऊपर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई और आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग दर्ज कर रही है। अंत में, पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र की आम जनता से अपील की है कि सभी लोग आगामी त्योहारों और आयोजनों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाएं। पुलिस अधीक्षक ने दो टूक कहा है कि किसी भी प्रकार की हिंसा, अभद्रता या कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की कोशिश करने वालों से मुंगेर पुलिस सख्ती से निपटेगी।



