राजधानी में नशीले इंजेक्शन के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: ई-रिक्शा से चल रहा था धंधा, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार

24CITYLIVE/आदर्श सिंह/पटना। पटना पुलिस ने राजधानी में सक्रिय नशीली दवाओं के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर 6 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो ई-रिक्शा के जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करते थे। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन, एक देशी पिस्टल, कारतूस, नकदी और चोरी के दर्जनों मोबाइल बरामद किए हैं।
ई-रिक्शा से होती थी सप्लाई
मामले का खुलासा करते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 8 मई 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में एक ई-रिक्शा के जरिए नशीली सुई बेची जा रही है। सूचना मिलते ही एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले ई-रिक्शा के साथ दो अभियुक्तों—राहुल कुमार और विक्की कुमार को दबोच लिया।

निशानदेही पर मास्टरमाइंड समेत अन्य गिरफ्तार
पकड़े गए अपराधियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर अन्य ठिकानों पर रेड की। इस दौरान गिरोह का मास्टरमाइंड मो. अफजल और उसके सहयोगी विशाल कुमार, सूर्या उर्फ अभिषेक और मो. राजू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, अफजल ही इस पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था और हथियार के बल पर अन्य लड़कों से यह काम करवाता था।
बरामदगी का विवरण
छापेमारी के दौरान पुलिस को अपराधियों के पास से निम्नलिखित सामान मिले हैं:
- हथियार: 01 लोडेड देशी पिस्टल और 04 जिंदा कारतूस।
- नशीली दवाएं: 340 पीस एविल (Avil) इंजेक्शन और 117 पीस बुप्रोनोर्फिन (Buprenorphine) इंजेक्शन।
- मोबाइल: 19 स्मार्ट फोन और 13 कीपैड मोबाइल (कुल 32 फोन)।
- नकदी: 29,420 रुपये (नशीली दवाएं बेचकर कमाए गए)।
- वाहन: 01 ई-रिक्शा।
मोबाइल फोन गिरवी रखकर बेचते थे ‘नशा’
जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह गिरोह नशे के आदी उन लोगों को निशाना बनाता था जिनके पास पैसे नहीं होते थे। ऐसे लोग नशे के बदले अपना मोबाइल फोन इनके पास गिरवी रख देते थे। पैसे मिलने पर ये फोन वापस कर देते थे, अन्यथा उन्हें बाजार में बेच दिया जाता था।
आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है। फिलहाल सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को पटना पुलिस की नशे के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।



