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लापरवाही की इंतहा: कानपुर के अस्पताल में गलत इंजेक्शन से महिला का हाथ काला पड़ा, काटना पड़ा; थर्माकोल के बॉक्स में मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नर दफ्तर पहुंचा ITBP जवान


24CITYLIVE/उत्तर प्रदेश न्यूज डेस्क :कानपुर चिकित्सा जगत को शर्मसार करने और डॉक्टरों की कथित लापरवाही का एक दिल दहला देने वाला मामला कानपुर में सामने आया है। यहाँ एक अस्पताल में गलत इलाज के कारण एक मां को अपना हाथ गंवाना पड़ गया। इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित आईटीबीपी (ITBP) का जवान जब अपनी मां का कटा हुआ हाथ थर्माकोल के डिब्बे में लेकर पुलिस कमिश्नर के पास पहुंचा, तो वहां मौजूद अधिकारी सन्न रह गए। पुलिस कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ (CMO) को डॉक्टरों का पैनल बनाकर जांच करने और फोरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं।


गलत इंजेक्शन से फैल गया इंफेक्शन
जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से फतेहपुर के रहने वाले विकास सिंह आईटीबीपी (ITBP) में कांस्टेबल हैं और इस समय कानपुर के महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात हैं। विकास ने बताया कि उनकी 56 वर्षीय मां निर्मला देवी को सांस और कब्ज की शिकायत थी। 13 मई, 2026 को अचानक तबीयत बिगड़ने पर वे उन्हें लेकर अस्पताल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में भारी जाम होने के कारण उन्होंने मां को आनन-फानन में टाटमिल चौराहा स्थित ‘कृष्णा हॉस्पिटल’ में भर्ती करा दिया। विकास का आरोप है कि वहां डॉक्टरों ने मां के हाथ में कैनुला (वीगो) लगाया और कोई गलत इंजेक्शन दे दिया, जिससे उनका हाथ काला पड़ने लगा और उसमें भारी सूजन आ गई।
जान बचाने के लिए काटना पड़ा हाथ
मां की हालत लगातार बिगड़ती देख विकास ने उन्हें 14 मई को बिठूर रोड स्थित ‘पारस हॉस्पिटल’ में शिफ्ट किया। वहां के डॉक्टरों ने संक्रमण को रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन तब तक इंफेक्शन पूरी तरह फैल चुका था। आखिरकार महिला की जान बचाने के लिए 17 मई को डॉक्टरों को उनका दाहिना हाथ काटना पड़ा। जवान विकास सिंह का कहना है कि कृष्णा हॉस्पिटल की घोर लापरवाही के कारण ही आज उनकी मां को यह दिन देखना पड़ा है।
कमिश्नर दफ्तर में कटा हाथ देख सहम गए अफसर
पिछले तीन दिनों से थाने और चौकियों के चक्कर काट रहे पीड़ित जवान का जब कहीं कोई समाधान नहीं हुआ, तो सोमवार को वह आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के दफ्तर पहुंचा। जवान ने रोते हुए थर्माकोल के बॉक्स में रखा मां का कटा हुआ हाथ कमिश्नर के सामने रख दिया। इस खौफनाक मंजर को देख अधिकारी हैरान रह गए। जवान को ढांढस बंधाते हुए कमिश्नर ने तुरंत मामले में संज्ञान लिया।
अस्पताल का पुराना विवादित रिकॉर्ड
जवान के साथ पहुंचे आईटीबीपी के लाइजनिंग ऑफिसर अर्पित सिंह ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसी कृष्णा हॉस्पिटल की लापरवाही के चलते पूर्व में भी आईटीबीपी की एक महिला कांस्टेबल और एक इंस्पेक्टर की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इस अस्पताल के खिलाफ पहले भी शिकायतें रही हैं, इसलिए इसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
कानपुर एसीपी के स्टाफ अफसर अमरनाथ यादव ने बताया कि डीसीपी पूर्वी ने इस मामले में कानपुर नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को पत्र लिखा है। पत्र में ‘कृष्णा अस्पताल’ और ‘पारस अस्पताल’ दोनों की भूमिका की निष्पक्ष जांच के लिए डॉक्टरों का एक विशेष पैनल गठित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, कटे हुए हाथ की फोरेंसिक जांच कराने की बात भी कही गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अस्पताल संचालकों और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त वैधानिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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