24CITYLIVE/खैरागढ़: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में राज्योत्सव कार्यक्रम की कवरेज कर रहे पत्रकार के साथ पुलिसकर्मी द्वारा कथित मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। बंसल न्यूज के संवाददाता एवं जिला पत्रकार संघ के सदस्य किशोर सोनी के साथ हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश फैल गया। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब जिला पत्रकार संघ सहित बड़ी संख्या में पत्रकारों ने फतेह सिंह मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पत्रकारों के विरोध के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संबंधित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के आरक्षक रजनीकांत उपाध्याय को निलंबित कर दिया है।

बाइक साइड करने को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पत्रकार किशोर सोनी राज्योत्सव कार्यक्रम की कवरेज और समाचार संकलन के लिए राजा फतेह सिंह मैदान पहुंचे थे। इसी दौरान बाइक को साइड करने की बात को लेकर वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और पत्रकार के बीच विवाद शुरू हो गया। जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौर के अनुसार, विवाद के दौरान पत्रकार के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वायरल वीडियो में पत्रकार और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई होती दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इस घटना को लेकर पत्रकार संगठनों ने पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

करीब दो घंटे तक फतेह सिंह मैदान के मुख्य गेट पर धरना

पत्रकार किशोर सोनी के साथ हुई कथित मारपीट से नाराज जिला पत्रकार संघ के सदस्य और अन्य पत्रकार एकजुट होकर फतेह सिंह मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि घटना में शामिल CAF जवान को तत्काल निलंबित किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

पत्रकारों का कहना था कि समाचार संकलन करना उनका पेशेवर दायित्व है। यदि किसी कवरेज के दौरान पुलिसकर्मियों को कोई आपत्ति होती है, तो उसे नियमानुसार और संयमित तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में पत्रकार के साथ मारपीट या अभद्र व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौर ने इस दौरान प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि पत्रकार संघ पहले भी स्थानीय समस्याओं और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों को लेकर कई बार ज्ञापन सौंप चुका है, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने लंबित मांगों के निराकरण की भी मांग रखी।

कलेक्टर धरना स्थल पर पहुंचे, पत्रकारों से की बातचीत

करीब दो घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी पत्रकारों से बातचीत की और उनकी समस्याओं तथा मांगों को सुना। कलेक्टर ने पत्रकार संघ की ओर से पूर्व में सौंपे गए ज्ञापनों और लंबित मांगों पर भी उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इस दौरान विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन और नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन सहित कुछ राजनीतिक प्रतिनिधि भी पत्रकारों के समर्थन में मौके पर पहुंचे।

CAF आरक्षक रजनीकांत उपाध्याय निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। 8वीं बटालियन छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, राजनांदगांव के आरक्षक क्रमांक 319 रजनीकांत उपाध्याय को 2 नवंबर 2026 को जारी आदेश के तहत निलंबित कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आरक्षक पर ड्यूटी के दौरान पत्रकार किशोर कुमार सोनी के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट करने के आरोप हैं। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा और उन्हें वाहिनी मुख्यालय, राजनांदगांव में संबद्ध किया गया है।

वहीं, ASP रूपेश कुमार डांडे के अनुसार, मामले में प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित जवान के विरुद्ध कमांडेंट के माध्यम से निलंबन की कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पत्रकारों की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने सार्वजनिक आयोजनों में पत्रकारों की सुरक्षा और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार संगठनों की मांग है कि वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो, घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की भूमिका तय की जाए और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई हो।

फिलहाल संबंधित CAF आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है और मामले की प्राथमिक जांच जारी है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या इस घटना में शामिल अन्य लोगों की जिम्मेदारी भी तय की जाती है।