24CityLive/आदर्श सिंह /पटना: भारत के एकीकरण के महान सूत्रधार और 'भारत रत्न' लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राजधानी पटना में राजकीय समारोह का भव्य आयोजन किया गया। पटेल चौक (चितकोहरा पुल के निकट) स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल प्रतिमा प्रांगण में आयोजित इस राजकीय समारोह में राज्य के कई प्रमुख राजनेताओं, मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और लौह पुरुष की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह के दौरान बिहार के उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने स्वर्गीय सरदार वल्लभभाई पटेल की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने पटेल जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि अखंड भारत के निर्माण में उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व सदैव भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने में सरदार पटेल की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इस राजकीय समारोह में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों, विधायकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी उपस्थित होकर सरदार पटेल को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार, कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल, सहकारिता मंत्री श्री राम कृपाल यादव, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री रत्नेश सदा, और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री श्री लखेन्द्र कुमार रौशन शामिल हुए।
इसके साथ ही विधायक श्री श्याम रजक, विधायक श्री संजीव चौरसिया, विधायक श्री संजय कुमार, बिहार राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण मेहता, तथा पूर्व विधान पार्षद श्रीमती कुमुद वर्मा सहित अनेक सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी स्वर्गीय सरदार वल्लभभाई पटेल की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह के दौरान परिसर का माहौल पूरी तरह से देशभक्ति के रंगों में रंगा नजर आया। इस विशेष अवसर पर सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग (IPRD) के कलाकारों द्वारा कई धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल विशेष आरती पूजन और संगीतमय भजन-कीर्तन के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित जनसमूह और कलाकारों द्वारा गर्व के साथ राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' और राष्ट्रगान 'जन गण मन' का सामूहिक गायन किया गया।
कलाकारों ने इसके उपरांत बिहार गौरव गीत तथा देशप्रेम से ओत-प्रोत देशभक्ति गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियां देकर पूरे प्रांगण को गुंजायमान कर दिया। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद लोगों में देशभक्ति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का नया जोश भर दिया।
समारोह में उपस्थित नेताओं ने अपने वक्तव्यों में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल एक जननेता नहीं थे, बल्कि वे आधुनिक और अखंड भारत के वास्तविक शिल्पकार थे। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 500 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में शांतिपूर्ण विलय कराकर एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण करना उनका सबसे बड़ा और अविस्मरणीय योगदान था। आज के समय में जब देश विकास के नए पथ पर अग्रसर है, तब देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए सरदार पटेल के आदर्शों, विचारों और सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारना अत्यंत आवश्यक है।
पटना के चितकोहरा पुल स्थित पटेल चौक पर आयोजित यह राजकीय समारोह न केवल सरदार पटेल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भव्य माध्यम बना, बल्कि इसने उपस्थित युवाओं को देश सेवा, आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के प्रति निष्ठावान रहने का संकल्प भी दिलाया।